भृकुटी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भृकुटी:scowl, a frowning look. तनी भौंह, क्रोध पूर्ण मुखाकृति ” जिन प्रतिमाओंकी भकुटीर हित मुखाकृति क्रोध केअभाव का सूचक होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भृकुटी:scowl, a frowning look. तनी भौंह, क्रोध पूर्ण मुखाकृति ” जिन प्रतिमाओंकी भकुटीर हित मुखाकृति क्रोध केअभाव का सूचक होती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भट्टाकलंक – Bhattaakalamka. See- Bhatta Akalamka. देखें – भट्ट अकलंक “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षपुद्गल – रूक्ष गुण से सहित पुद्गल परमाणु। जिनका आपस में बंध नही होता है। Ruksapudgala-Matters or molecules with separateness
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रक्षा – देखभाल, सुरक्षा अहिंसा, मन वचन काय की क्रिया देखभाल कर, करना जिससे जीव घात न हो, पिषाच व्यंतरो का दूसरा भेद। Raksa-To protect all living beings, defence, non-violence, A type of peripatetic deity (Pishach)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैराग्य भावना –VAiragya Bhavana Emotions of the aversion from worldly life. वैराग्य की कारणभूत भवनाये ” जगत, शरीर, भोग के स्वरूप का बारबार चिंतन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नवृष्टि – रत्नवर्शा तीर्थकरों के गर्भावस्था में आने के 6 महीने पहले से जन्म पर्यन्त 15 मास तक जो कुबेर माता के आंगन मे रत्नो की वर्शा करते है। Ratnavrsti-Divinely rain of jewels (an auspicious event pertaining to the birth of Jaina lord)
ऐलक A loin-clothed Jaina saint. जैन संत जो मात्र एक वस्त्र (लंगोट) धारण करते हैं केषलोच करते हैं एंव पिच्छी- कमण्डलु रखते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भविष्याभाव संबंध – Bhavisyabhava Sambamdha. A type of relation pertaining to future. संबंध के अनेक भेड़ों में एक भेद “
एकानंत Unidirectional finite (like ocean which seems to be endless). जिस एक पदार्थ को देखने पर उसका अंत नहीं पाया जाता उसको एकान्त कहते हैं जैसे अथाह समुद्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसार – आचार्य यागेन्दु देव द्वारा रचित 108 दोहा प्रमाण अपभ्रंष अध्यात्मिक ग्रंथ। Yogasara-Name of the treatise