सर्वसावद्य योग!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसावद्य योग -Sarvasaavadya yoga. Sinful worldly activities. समस्त आरंभ परिग्रह से सहित मन, वचन कायरूप योग । इनकी निवृत्ति सामायिक का लक्षण है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसावद्य योग -Sarvasaavadya yoga. Sinful worldly activities. समस्त आरंभ परिग्रह से सहित मन, वचन कायरूप योग । इनकी निवृत्ति सामायिक का लक्षण है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनोदीलाल – Vinodilala. Name of a great Jaina poet, the writer of ‘ Bhaktamar katha’ etc. many books. एक जैन कवि, भक्तामर कथा (वि.१७४७), सम्यकत्व कौमुदी (वि. १७४९) ग्रंथ के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वविभक्ति – Sarvavibhakti. Division of all Karmic aggregates. उत्कृष्ट स्थितिबंध होने पर जो प्रथम निषेक से लेकर अंतिम निषेक तक निषेक रचना होती है वह सर्व स्थिति विभक्ति है।
चम्पक वृक्ष Name of initiation tree of Lord Munisuvratnath. मुनिसुव्रतनाथ भगवान के दीक्षावृक्ष का नाम , जो नील वन में स्थित था ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छींक Sneeze (controlling sneezing is a physical mortification). अयन आदि कायक्लेश का एक भदे ; छींक , जंभाई आदि को रोकना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वधारा – Sarvadhaaraa. A mathematical sequence or series of numbers. 14 धाराओं में एक धारा । 1 से लगा कर केवल ज्ञान पर्यत के सर्वस्थान । जैसे 1,2,3,4 5 इत्यादि ।
द्रव्यार्थिक नय A standpoint which emphasizes the attributes of a substance, substantial standpoint. एक नय; जो पर्याय को गौण करके द्रव्य का मुख्यता से कथन करता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वज्ञत्व शक्ति – Sarvagyatva Sakti. Power of omniscience. समस्त विश्व के विषेष भावों की जानने रुप से परिणमित ऐसी आत्मज्ञानमयी सर्वज्ञत्व शक्ति है।
द्रव्यश्रुत A type of scriptural knowledge, Jinwani. आचारांग आदि बारह अंग, उत्पादपूर्व आदि चैदह पूर्व और सामायिकादि 14 प्रकीर्णकस्वरूप ज्ञान। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]