सुरमन्यु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरमन्यु Suramanyu. One of the particular seven saints, ‘Saptrishi’ (Sapta Rsi) सप्त ऋषियो में एक । (देखे सप्तऋषि)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरमन्यु Suramanyu. One of the particular seven saints, ‘Saptrishi’ (Sapta Rsi) सप्त ऋषियो में एक । (देखे सप्तऋषि)
तपकल्याणक वंदना Worshipping prayer of an auspicious event of Tirthankar’s (Jaina-Lord) life. कृतिकर्म सिद्ध- चारित्र- योगि व शांति भक्ति ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्विंशति पूजाविधान Name of a text of worship. चौबीसी पूजा विधान की एक किताब ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समय (आगम) – Samaya (Aagama). Literature describing right knowledge of all matters (Jiva, Ajiva etc). जिसके जीव अजीव आदि पदार्थों का भले प्रकार से ज्ञान हो या जिसमे जीव आदि पदार्थों का ठीक-ठीक वर्णन हो ऐसा आगम या सिद्वांत समय है।
चतुश्र्चारित्रसिद्ध Those who have got salvation because of four super conducts. भूतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा ४ चारित्र से सिद्ध होने वाले जीव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम ग्रैवेयक – Madhyama Graiveyaka. See – Madhyama Graiveyaka. देखें – मध्यग्रैवेयक”
तत्वार्थसूत्र A great treatise written by Acharya Umasvami. आचार्य उमास्वामी (ई.श.2) कृत मोक्षमार्ग, तत्वार्थ दर्शन विषयक 10 अध्यायों में सूत्रबद्ध ग्रंथ । अपरनाम -मोक्ष शास्त्र। एक बार पाठ करने से उपवास के फल की प्राप्ति करने वाला। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
ग्रन्थ A literary composition, treatise, A knot, Posses- sions (external, internal). गणधर देव से रचा गया द्रव्यश्रुत ग्रन्थ कहा जाता है . गाँठ , बंध , परिग्राही; अन्तरंग , बहीरंग के भेद से दो प्रकार का है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम असंख्यात – Madhyam Asankhyata. A mathematical term. एक गणितीय पद ” देखें – मध्यम अनंत “