तीर्थविहार!
तीर्थविहार Saints moving towards place of pilgrimages. मुनि, आचार्य आदि, साधुओं का तीर्थों के लिए गमन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तीर्थविहार Saints moving towards place of pilgrimages. मुनि, आचार्य आदि, साधुओं का तीर्थों के लिए गमन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
श्वेताम्बर – Shvetaambara. A Jaina sect originated from the division of Moolsangh (Digambar). दिगम्बर मान्यतानुसार भगवान महावीर के पश्चात् मूलसंघ दिगम्बर ही था ” बाद में (आज से लगभग दो हजार वर्ष पूर्व) उत्तर भारत में दुर्भिक्ष अकाल पड़ने के कारण कुछ शिथिलाचारी साधुओ ने स्वेताम्बर संघ की स्थापना की “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रोता – Shrotaa. Listeners. धर्म को सुनने वाले पुरुष ” गुण-दोषों की अपेक्षा इनके 14 भेद हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतसागरी – Shrutasaagaree. Name of a commentary book on Tattvarthvritti written by Bhattarak Shrutsagar. श्रुतसागर भट्टारक कृत तत्वार्थवृत्ति की टीका का नाम
तीर्थ Place of pilgrimage, auspicious means for the path of salvation. जो संसाररूपी सागर से तिराये अर्थात् पार करे उसे तीर्थ कहा गया है , इसका दो प्रकार से वर्णन है। 1. भावतीर्थ- सम्यग्दर्शन , सम्यग्ज्ञान, सम्यक्चारित्र रूप परिणत आत्मा । 2. द्रव्य तीर्थ- तीर्थंकर भगवन्तों की पंचकल्याणक भूमियाँ, अन्य सिद्धक्षेत्र इत्यादि । जैसे –…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीसंप्रदाय – Shreesampradaaya. The first sect of Vaishnava philosophy of all 4. वैष्णव दर्शन के 4 सम्प्रदायों में प्रथम संप्रदाय ” इस संप्रदाय में विशिष्टाद्वैतवादी है जो रामानंदी भी कहलाते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संहनन – Sanhanana. Strength of bodily structure or skeleton. हड्डियों के संचय या दृढ़ता को संहनन कहते हैं “
आत्मवध Suicide. आत्महत्या-स्वयं के द्वारा स्वयं की हत्या करना । जो कि महापाप और दुर्गति का कारण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इष्ट साधन Desired means. वादी जिस साधन से साध्य को सिद्ध करना चाहे।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्प्रतिषेध – Satpratisedha. A type of false speech, to deny the existence of something existing. अस्तित्व रूप पदार्थ का निषेध करना ” यह असत्य वचन का एक भेद है “