विद्युत्कुमार!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्युत्कुमार – Vidyutkumara. A type of residential deities. भवनवासी के १० भेदों में एक भेद ” यह रत्नप्रभा पृथिवि के खरभाग में रहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्युत्कुमार – Vidyutkumara. A type of residential deities. भवनवासी के १० भेदों में एक भेद ” यह रत्नप्रभा पृथिवि के खरभाग में रहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव गति – Vibhava Gati. Contrary movement. जीव – पुद्ग्ल की स्वभाव से विपरीत गति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवित्त चक्र- योग आदि क्रियाओं में रात-दिन लगे रहना। Pravita cakra- to be always engaged in yogic activities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यय स्थान- pratyaya sthana Situations causing for the karmic influx or inflow आस्त्रव सबंधी प्रत्ययों के उदय आदि स्थान।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्यशासनपरीक्षा – Satyashaasanaparikshaa. Name of a treatise written by Acharya Vidyanandi. आचार्य विद्यानंदि (ई. 775-840) द्वारा रचित संस्कृत भाषा बद्ध न्यायविषयक ग्रंथ ” इसमें न्याय पूर्वक जिनशासन की स्थापना की गयी है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौदगलायन–Modgalayan. Name of a great Jain Acharya in the stream of Lord Parshvanath, A type f inactivist. भगवान् पार्श्वनाथ की शिष्य परम्परा में हुए एक बड़े जैनाचार्य, अक्रियावादी के 84 भेदो में एक भेद”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतीघातरहित- pratighatarahita Without impediment or hinderance. प्रतिबन्ध या बाधा रहित।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल प्रत्यक्ष – Sakala Pratyaksha. The supreme knowledge or omniscience. पारमार्थिक प्रत्यक्ष के दो भेदों में एक भेद; केवलज्ञान सकल प्रत्यक्ष है क्योकिं वह त्रिकाल विषयक समस्त पदार्थों को विषय करने वाला है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यणीसिद्ध – Manushyaniisiddha. Those salvated from Bhav Strived (according to Bhutpragyapan Naya). भाव स्त्रीवेद से सिद्ध होने वाले जीव ये अल्पबहुत्व की अपेक्षा स्तोक हैं “