पद्मक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मक : A kind of Yadu dynasty, a city of bharat Kshetra (region) and a country of the west videh (region). यदु (यादव) वंश के एक राजा भरतक्षेत्र का एक नगर एवं पश्चिम विदेह का एक देश।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मक : A kind of Yadu dynasty, a city of bharat Kshetra (region) and a country of the west videh (region). यदु (यादव) वंश के एक राजा भरतक्षेत्र का एक नगर एवं पश्चिम विदेह का एक देश।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंतर –Vyaintara. Peripatetic deities (i.e. Bhoot, Pishach etc.). चार प्रकार के देवों में एक भेद; इनके भवन अधोलोक में तथा भवनपुर और आवास म्ध्यलोक के द्वीप, सागरों में हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्मानुभूति – Shuddhaatmaanubhooti. The supreme experience or intuition. विशुद्ध आत्मा का ज्ञान अर्थात आत्मज्ञान ” देखें – शुद्धात्मज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्निकर्ष – Sannikarsha. Drawing near, close together, another name of Dvadshnag Shrutgyan (12 parts of scriptural knowledge). इन्द्रिय का विषय से संबंध, समीप लाना-सामीप्य, प्रवचन सन्निकर्ष, श्रुतज्ञान का अपरनाम। जिसमे वचन सन्निकृष्ट होते है, वह प्रवचन सन्निकर्ष रुप मे प्रसिद्व द्वादशांग श्रुतज्ञान है। जद्यन्य व उत्कृष्ट भेद रुप द्रव्य, क्षेत्र, काल एवं भावांे मे…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदानुसारी ऋद्वि : A type of supernatural power (related to Predestination of knowledge) एक ऋद्वि इससे आगम का एक पद सुनकर पूर्ण आगम का बोध हो जाता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिक शब्द – VAisrasika Sabda. Natural sounds (reg. thundering etc.). अभाषात्मक के दो भेदों में एक भेद, मेघ आदि के निमित्त से जो शब्द उत्पन्न होते हैं वे वैस्रसिक शब्द हैं “
गुणहानि आयाम Number of instant in one Gunahani. एक गुणहानि के समय के समूह को गुणहानि आयाम कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाख्यात चारित्र–Yathakhyata Charitra. Perfect Conduct. वीतराग भाव, कषायोकेसवर्था अभाव से प्रादुर्भूत आत्मा की शुधि विशेष को यथाख्यात चारित्र कहते है” यह 11वे, 12वे, गुणस्थान में होता है”
गुणसमुदाय Accumulation of virtues (related to matters). द्रव्य का लक्षण. गुणों का समुदाय द्रव्य होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]