एकस्थानीय!
एकस्थानीय A type of Karmic fruitional bondage. अनुभाग बन्ध का एक नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकस्थानीय A type of Karmic fruitional bondage. अनुभाग बन्ध का एक नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पत्ति:A part of army. सेना का एक अंग । इसमें एक रथ, एक हाथी, 5 पैदल और तीन घोडे होते है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौन व्रत–Maun Vrat. A vow to keep silence. कुछ समय–सीमा विशेष के लिए मौन रखना”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति घाति – Prakrti Ghati. A type of karmic nature causing destruction of internal virtues. कर्म प्रक्रति का एक भेद; जो अनुजीवी गुणों का घात करती हैं वह घाति कर्म प्रक्रतियां हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पटाशुक :A silky cloth to be tied on the waist. क्मर में बांधा जाने वाला रेषमी वस्त्र
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमुना–Yamuna. Name of a river of Bharat Kshetra Aryakhand (region). भरतक्षेत्र आर्यखंड में स्थित एक नदी”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेणुमुल –Venumula. Root of bamboo tree. बांस की जड़ ” अनंतनुबंधी माया कषाय का दृष्टांत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंप: Name of a Jain Kannad poet. राजा अरिकेसरी के समय में हुए एक जैन कन्नड कवि (ई0 941) जिनकी आदिपुराण्चम्पू आदि कृतिया है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर संघ – ViraSangha. Name of a group of saints after division of Moolsangh (original group). मूलसंघ के विघटन के पश्चात बना जैन साधुओं का एक संघ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भट्ट अकलंक – Bhatta Akalamka. A famous & great Jainacharya. एक प्रसिध्द जैनाचार्य ” जिन्होंने बौध्द साधुओं को वाद –विवाद में परास्त किया ” इनके द्वारा लिखे गये मुख्य ग्रंथ – तत्त्वार्थ राजवार्तिक, अष्टशती आदि हैं “