निर्विकल्प ध्यान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकल्प ध्यान – Nirvimdhya Dhyaan Absolute meditation. निश्चय मोक्षमार्ग का एक अपरनाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकल्प ध्यान – Nirvimdhya Dhyaan Absolute meditation. निश्चय मोक्षमार्ग का एक अपरनाम “
द्वेष Aversion, Antipathy, Hatred. अप्रीति या वैरभाव होना। क्रोध, मान, अरति, शोक, जुगुप्सा, भय ये सभी द्वेष के ही रूप हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आर्षवचन Words expressing the authenticity of scriptures. आगम की प्रामाणिकता का निर्देश करने वाले वचन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्धिपर्वा A super knowledge of medicine. एक औषध विद्या, दिति-अदिति द्वारा नमि और विनमि विद्याधरों को दी हुई 16 निकायों की विद्याओं में एक विद्या।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आरम्भत्याग प्रतिमा The 8th Pratima (model stage of householders) of aversion from all the occupational activities. श्रावक की आठवीं प्रतिमा जीव हिंसा के कारण नौकरी, खेती, वयापारादि के आरंभ से विरक्त होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपशांतकषाय Whose passions are subsided, Subsided passions. 11 वाँ गुणस्थान जहाँ सर्व मोहनीय कर्म एक अन्तर्मुहूर्त के लिये उपशम रूप या दबा रहता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दयावती The mother’s name of 12th Teerthankar (Jaina–Lord) of Videh kshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित 12 वें तीर्थंकर चन्द्रानन की माता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैश्य –Vaisya The third classification of Indo – Aryan Society a trader or an agriculturist etc. ४ वर्णों में एक वर्ण; जो कृषि व्यापार तथा पशुपालन आदि के द्वारा आजीविका करते हैं वे वैश्य कहलाते हैं “
उदयदेव Name of an Acharya. वादीभसिंह की उपाधि से अलंकृत एक दगिम्बर आचार्य (ई.770-860)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]