पण्य भवन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्य भवन :Palace of Somdev situated in the east of Nandon etc. forests of Sumeru (mountain). सुमेरू पर्वत के नन्दनादि वनों के पूर्व में स्थित सोमदेव का भवन।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्य भवन :Palace of Somdev situated in the east of Nandon etc. forests of Sumeru (mountain). सुमेरू पर्वत के नन्दनादि वनों के पूर्व में स्थित सोमदेव का भवन।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्तिपरिसंख्यान –Vrtti. Conduct, Behaviour, Natural tendency. बाह्य तप का एक भेद – आहार को जाते समय अनेक प्रकार की प्रतिज्ञा या आकड़ी लेना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोगवाद – Sanyogavaada. A doctrine believing the accomplishment of everything by alliance of matters. वस्तुओं के संयोग से ही सर्वकार्य की सिद्धि मानने वाला एकांत मत “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पक्षपाती श्रोता: Listeners who criticizes or gives wrong favour to one. विपरीत व दृष्टबुद्वि के धारक श्रोता जो विपरीत तत्वों में दुराग्रह करते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराधना – Viradhana. Pain, Affiction, Unreverential,Dishonourable. जो परिणाम राध अर्थात् आराधना रहित, है, वह विराधना है ” एकेन्द्रिय आदि जीवों को मारना या कष्ट पहूँचना जीव विराधना या आसदना कहा जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकाग्र –Lokaagra: The supreme place of salvation (Siddha shila) . मोक्ष ,सिद्धालय या लोक का शिखर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरंश – Niransha. Non – divisible particles. अवयव रहित: अखंड परमाणु, द्रव्यार्थिक नय से परमाणु में निरंशपना होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलप्रभ – Vimalaprabha. Name of the 4th Jaina-Lord of the past era and name of a protecting peripatetic deity of kshirvar ocean. भूतकालीन चौथे तीर्थकर, क्षीरवरसमुद्र का एक रक्षक व्यंतर देव “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोत्पन्नसुख – Manotpanna Sukha. Mental pleasure or bliss. मनकेद्वाराउत्पन्नसुख , जैसेहवाआदिकास्पर्शहोना “