धर्मसागर!
धर्मसागर A disciple of Acharya Veersagar. आचार्य श्री वीरसागर महाराज के शिष्य, चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परम्परा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य (ई. सन् 1969-1987 तक)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मसागर A disciple of Acharya Veersagar. आचार्य श्री वीरसागर महाराज के शिष्य, चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परम्परा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य (ई. सन् 1969-1987 तक)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीचंद्र – Shreechandra. Name of a king of Kuru dynasty, The 6th predestined Balbhadra. कुरुवंशी एक राजा, मंदर का पुत्र एवं सुप्रतिष्ठ राजा का पिता जो अंत में सुमंदर यति से दीक्षा ले मुक्ति गये ” आगामी छठा बलभद्र, महापुराण में इन्हें 9वां बलभद्र कहा है “
धर्ममित्र A king who gave first food (reg. Parana) to Lord Kunthunath at Hastinapur. एक राजा ; कुंथुनाथ तीर्थंकर को हस्तिनापुर में प्रथम पारणा करने वाले। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावक – Shraavaka. A householder who follows religious instructions with reverence, Lay followers in the Jaina order. विवेकवान विरुत्तचित अणुव्रती गृहस्थ ” इसके पाक्षिक, नैष्ठिक व साधक तीन भेद है “
दंडासन तप A type of posture of meditation (sitting erectly). कायक्लेश , दण्ड के समान सीधा बैठना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मदत्त चरित्र A book written by Acharya Dayasagar Suri. आचार्य दयासागर सूरि (ई.1429) कृत एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रद्धावान – Shraddhaavaan. One possessing right faith or reverential belief. जो जिनवचनों में श्रद्धान करता है अर्थात सम्यग्दृष्टि “
धरसेन The spiritual teacher or preceptor of Acharya Pushpadant and Bhootbali. एक आचार्य, जिन्होंने पुष्पदंत- भूतबली को जैन सिद्धांत पढ़ाया और इन दोनों आचार्यों ने धवलादि मूल ग्रंथों की रचना की।[[श्रेणी: शब्दकोष ]] ==आचार्य श्री धरसेन स्वामी का विशेष परिचय == भगवान महावीर स्वामी ने भावश्रुत का उपदेश दिया अत: वे अर्थकर्ता हैं। उसी काल…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शौचधर्म – Shauchdharma. Observance of purity or greedlessness (victory over greed). 10 धर्मों में चौथा धर्म ” लोभ पर विजय पाना ही शौचधर्म है, इससे सातावेदनीय कर्म का आस्रव होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशस्त ध्यान- प्रषंसनीय ध्यान। धर्मध्यान, शुक्लध्यान जो मोक्ष के कारण है। Prasasta Dhyana- Commendable meditation