वराटक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वराटक – Varaataka.: A small shell, a cowrie (used as coin). कौड़ी – दो इन्द्रिय (स्पर्शन, रसना )जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वराटक – Varaataka.: A small shell, a cowrie (used as coin). कौड़ी – दो इन्द्रिय (स्पर्शन, रसना )जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायदीपावली – Nyaayadeepaawali. Name of a book written by Anandbodh. वैदिक साहित्य प्रवर्तक आनन्दबोध (ई.श. 11-12) द्वारा रचित एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोदेव – यषास्तिलकचम्पू के कत्र्ता सोमदेव के दादा गूरू और नेमिदेव के गुरू। समय ई – 918 – 943। Yasodeva-The writer of Yashastilakchampu
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वपुः स्पर्श – Vapu Sparsh. Touching the body organs (a fault of meditative relaxation). व्युत्सर्ग (कायोत्सर्ग ) का एक दोष ; शरीर को इधर – उधर स्पर्श करते हुए कायोत्सर्ग करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भयद्विक् – Bhayadvik. Dyad of Karmic nature related to fear. भय, जुगुप्सा (कर्म प्रकृतियों से संबंधित) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राग लोकेषणा – षुभ कर्मो से पुण्य की चाह। Ragalokesana- longing for virtuous life by auspicious karmas
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्त –Vrtta. Circle, A type of religious conduct. वर्तुलाकार, गोल, पापारम्भ के कार्यो से विरक्त होने में सहायक कर्म ” ये देव – पूजा आदि ६ होते हैं इनका आचरण करना वृत्त कहलाता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोगौण्य पद – Nogounya Pada. Meaningless words, not in accordance with the relative qualities. जिन संज्ञाओं में गुणों के अपेक्षा न हो अर्थात् जो असार्थक नाम है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोम – शरीर के समस्त छिद्रो मे स्थित सूक्ष्म बाल।आदारिक षरीर में रोमो का प्रमाण 80,000,00 करोड है। Roma-Small hair in the pores in the body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वध परिषहजय –Vadha Parishahajaya: To forbear the violent behaviour of other with equanimity (an affiction). अश्त्र – शस्त्र आदि के द्वारा घात किये जाने पर मारने वाले के प्रति साधु द्वारा आक्रोश न कर समता भाव से सहन करते रहना “