दिव्य रत्न!
दिव्य रत्न A divine gem. चक्रवर्ती की विभूति का एक रत्न, इसकी रक्षा देव करते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिव्य रत्न A divine gem. चक्रवर्ती की विभूति का एक रत्न, इसकी रक्षा देव करते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उपशांत Unrevealed state of attachment and malice. राग द्वेष की अप्रगट अवस्था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एवकार Exactly, Just (not liable to be changed). नियामक अध्यय- जैसे अर्जुन ही धुरंधर है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दिगंबर संघ Group of Digambar Jain saints. मूल दिगम्बर जैन साधु संघ ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौलि– Mauli. Crown with great lustre possessed by celestial beings. दैदीप्यमान मुकुट,इसेस्वर्ग के देव धारण करते है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंवर – Svayammvara. An ancient tradition of choosing a bridegroom by a bride, father’s name of the 4th Jaina Lord Abhinandannath. एक प्राचीन कथा- एक राजकुमारी द्वारा अपने पति का चुनाव करना, अयोध्या नगरी के राजा, इनकी रानी सिद्वार्था थी और चैथे तीर्थकर अभिनन्दननाथ भगवान के पिता थे।
दशानन Special name of Pratinarayan, Ravana, the king of Rakshas descendant. 8 वें प्रतिनारायण रावण का विशेष नाम जो की राक्षस वंश का राजा था।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संततता – Santatataa. Continuance, Iteration, Tradition. निरंतर, संतत, परम्परा “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव सिद्व – Svabhaava Siddha. . Self proved or identified matter. अहेतुक या स्वतः सिद्व। जैसे वास्तव मे द्रव्यो मे द्रव्यान्तर की उत्पत्त्ति नही होती, क्योकि सर्व द्र्रव्य स्वभाव सिद्व है उनकी स्वभाव सिद्वता अनादि से है।
दश प्राण Ten types of vitalities of living beings (pertaining to senses, mind speech body etc.). पाँच इन्द्रिय प्राण , मन, वचन, काय, बनलरूप तीन बल प्राण, श्वासोच्छ्वास और आयु ये दस प्राण हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]