परिपुष्ट!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परिपुष्ट: Stout, strong well-nourished. पुष्ट, दृढ, स्थूल शरीर वाला “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परिपुष्ट: Stout, strong well-nourished. पुष्ट, दृढ, स्थूल शरीर वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमागधी – Sumaagadhee. Name of a river of eastem middle Arya Khand (region). पूर्वी मध्य आर्य खण्ड की एक नदी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारिग्राहिकी क्रिया – Parigrahiki Kriya. Activity causing constant attachment to worldly objects. सम्परायिक आस्त्रव की २५ क्रियाओं में एक क्रिया; यह परिग्रह में प्रवृत्ति कराने वाली होती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदल – Vidala. Pulses (having two parts ) mixed with raw milk or curd, it is not edible according to Jaina phi-losophy. द्विदल; कच्चे दूध – दही – मट्ठा के साथ द्विदल (दो दल वाले दलहन ) पदार्थों के साथ मुख्य की लार का संबंध होने से असंख्य स्म्मुर्छन जीव राशि पैदा…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोंच – Lonch.: Plucking of hair by own hands (a basic restrain of Jain saints). बाल उखाड़ना ” दिगम्बर जैन साधु –साध्वियों के 28 मूलगुणों में से एक मूलगुण 4 , ३ या २ महीने में अपने सिर के एवं दाढ़ी , मूंछ के बालों को हाथ से उखाड़ना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पामर – Pamara. A vile person. निम्न जाति व निम्नकर्म करने वाले जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयमलब्धि – स्थान – Sanyamalabdhi – Sthana. The stage for the attainment of restraints. जिस अवस्था विशेष में संयम लब्धि ठहरती हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिपि संख्यान क्रिया – Lipi Sankhyaan Kriyaa: A kind of auspicious activity observed on the age of 5 yrs. of a child(starting of syllabic knowledge). इसमें 5वें वर्ष में शिशु के अक्षर ज्ञान का आरम्भ विधिपूर्वक किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापजीव – Papajiva. Wrong believers, wicked persons. मिथ्यद्र्ष्टि और सासादन गुणस्थानावर्ती जीव पापजीव कहलाते है “
त्रसनाड़ी A channel or tunnel of mobile beings. लोक के बहु मध्य में एक राजु लम्बा और कुछ कम तेरह राजु ऊंचा बस जीवों का निवास क्षेत्र । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]