गुणत्व!
गुणत्व State with qualities. संपूर्ण गुणों में रहने वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगवर्धन :Name of a country situated in Bharat Kshetra Arya Khand, the birth place of a Pratinarayan ‘Tarak’. भरत क्षेत्र का एक नगर, जहां ‘तारक’ प्रतिनारायण का जन्म हुआ था “
ग्यारह Eleven, regarding 11 Rudras, 11 spiritual stages of Jain householders. एक संख्या, ग्यारख रूद्र ,श्रावक की ग्रारह प्रतिमा आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणाकार शलाका Multiple counting (reg. a mathematical quantity). विरलन डे विधान से जो राशि प्राप्त हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यगति- Manushya Gati. Human destinity; world of human beings. 4 गतियोंमेंएकगति ,मानवजीवन “
गति Movement, motion, Destinity, body form i.e. form of the body (of beings) in which one (soul) exists. चाल, गति नामकर्म के उदय से जो पर्याय हो; नरक, तिर्यंच, मनुष्य व देव ये जीवों की ४ गतियाँ हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनंयभद्र – Vinayabhadra. One of the disciples of pandit Ashadhar. पं. आशाधरजी के अनेक शिष्यों में से एक शिष्य “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धर्मास्तिकाय : == धर्मास्तिकायोऽरतो—ऽवर्णगन्धोऽशब्दोऽस्पर्श:। लोकावगाढ: स्पृष्ट:, पृथुलोऽसंख्यातिकप्रदेश:।। —समणसुत्त : ६३१ धर्मास्तिकाय रसरहित है, रूपरहित है, गंधरहित है और शब्दरहित है। समस्त लोकाकाश में व्याप्त है, अखण्ड है और विशाल है तथा असंख्यातप्रदेशी है। उदकम् यथा मत्स्यानां, गमनानुनुग्रहकरं भवति लोके। तथा जीवपुद्गलानां, धर्मद्रव्यं विजानीहि। —समणसुत्त : ६३२ जैसे इस…
गंगाकूट A summit situated at ‘Himvana’ mountain. हिमवान् पर्वत स्थित एक कूट । [[श्रेणी:शब्दकोष]]