लब्धिसार टीका!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसार टीका – आचार्य नंेतिचन्द्र कृत संस्कृत संजीवनी टीका तथा पं टोडरमल कृत भाशा टीेका। Labdhisara Tika-name of a commentary book written by Acharya Nemichandra and by pandit Todarmal
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसार टीका – आचार्य नंेतिचन्द्र कृत संस्कृत संजीवनी टीका तथा पं टोडरमल कृत भाशा टीेका। Labdhisara Tika-name of a commentary book written by Acharya Nemichandra and by pandit Todarmal
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्यतो द्रष्ट – Saamaanyato Drashta. General anticipation or apprehension for something. स्वार्थानुमान के तीन भेदों में एक भेद । जो सामान्य रूप से लिंग को देखकर लिंगी का अनुमान किया जाता है वह सामान्यतो दृष्ट है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य गृह – Saamaanya Grha. Home, An aboding palace of deities. भवनवासी देवों के भवन का एक गृह (देवों के भवन सामान्यगृह, गर्भगृह, आसनगृह, लतागृह इत्यादि गृह विषेषों से सहित होते है) ।
ऋद्धीश 13th Patal (layer) of Saudharma heaven. सौधर्म स्वर्ग का 13 वाँ पटल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नश्रवा – सुमाली का पुत्र तथा रावण का पिता। Ratnasrava- Father’s name of ravan
ऋत Fixed order, Truth, Pain, Trouble. ऋत का अर्थ सत्य एंव दुःख दोनों में लिया जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षस विवाह – विवाह का एक भेद इसमे कन्या का बलपूर्वक अपहरण करके उससे विवाह किया जाता है। Raksasa Vivaha- A type of marriage (A forceful marriage without consent of girl)
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमेश्वर:Name of 16th Tirthankar (Jaina-Lord) of past era, Supreme sould-Lord Arihant & Siddha.भूतकालीन 16 वें तीर्थकर, परमात्का, अहंत व सिद्व भगवान ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमती – जूनागढ के राजा उग्रसेन की पुत्री, जिनका विवाह राजा नेमिनाथ के साथ होने वाला था, किन्तु कारण वष नेमिनाथ के दीक्षा लेते ही राजुल ने भी कौमार्य अवस्था मे ही आर्यिका दीक्षा धारण कर ली। पुन यही नेमिनाथ भगवान के समवषरण में मुख्य आर्यिका बनी। Rajamati-Name of a chief Aryika (ganini) in…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमुख उदय:Annihilation of Karmic nature (in transformed form)।जो कर्म प्रकृति अन्य प्रकृति रूप होकर उदय में आती है। जैसे -नरकगति, देवगति, वैक्रियिक शरीर आदि कर्म प्रकृतियाॅं ।