तिर्यक्प्रचय!
तिर्यक्प्रचय Three dimensional extension. प्रदेशों का समूह।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्यक्प्रचय Three dimensional extension. प्रदेशों का समूह।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयवादी – Vinayavadi. Particular follower of the vinayvad (policy of humility). एकांतमती; विनयवादियों के ३२ भेद हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोइन्द्रिय – Noindriya. Dravya Man – a structural form of Man according to Jaina philosophy. द्रव्य मन; जो अंगोपांग नामकर्म के उदय से मनोवर्गणा से बनता है, इसे ईषत् इन्द्रिय भी कहते है ” यह ह्रदय से बनता है, इसे ईषत् इन्द्रिय भी कहते है ” यह ह्रदय स्थान में अष्टदल कमल के आकार…
तिमिंगिल A colossal fish (largest whale). एक सम्मूर्छन महामत्स्य का नाम, जिसकी अवगाहना 1000 योजन की है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रसार –Vajrasaar Name of the 69th chief disciple of Lord Rishabhadev. भगवान ऋषभदेव के 84 गणधारों में 69 वें गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैरात्म्यवाद – Nairaatmyavaada. The Buddhist doctrine of the non-existence of any sprit, supreme or human. बौद्धों का शून्यवाद, इसके अनुसार जगत शून्यरूप है “
तिक्तरस नामकर्म Karmic nature causing pungent flavour in body. जिसके उदय से शरीर में तीखा रस हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रबाहु – Vajrabaahu The son of Vidyadhar Vinami, A king of the stream of king Vasu. विद्याधर विनमि का पुत्र , इसकी बहिन सुभद्रा चक्रवर्ती भरत के 14 रत्नों में एक स्त्री रत्न थी , राजा वसु की परम्परा में राजा दीर्घबाहु का पुत्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिषेण – Nemishena. Disciple of Amitgati-1 and spiritual teacher of Madhavasen. अमितगति प्रथम के शिष्य तथा श्री माधवसेन के गुरु ” समय-ई.943-983 “
ताम्रचूल Name of a peripatetic deity. भूतरमण वन का भूत जातित का एक व्यंतर। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]