देव दर्शन विधि
इस लघु पुस्तिका में पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने जैनधर्म के प्रति हर श्रद्धालु भक्तों को पूर्ण शास्त्री विधि के अनुसार भगवान के दर्शन करने की विधि प्रस्तुत की है
इस पुस्तक में गौतम स्वामी द्वारा रचित 7 श्लोकों में लघु चैत्यभक्ति एवं मंदिर में जिन प्रतिमा के सम्मुख दर्शन करने की पूर्ण विधि (उठना बैठना आवर्त करना शिरोनति करना आदि) बताई हैं।
इस पूर्ण विधि पूर्वक दर्शन वंदन करके असंख्य कर्मों की निर्जरा कर अनंत पुण्य को संपादित करें, यही मंगल भावना है