01. अष्टमूलगुण (श्रावक संस्कार)
अष्टमूलगुण मूलगुण क्या है? जिस प्रकार मूल (नींव) के बिना मकान नहीं टिक सकता, मूल (जड़) के बिना वृक्ष नहीं उग सकता, मूल (स्रोत) के बिना नदी, कुएँ, नहर आदि अपना नाम सार्थक नहीं कर सकते, उसी प्रकार मूलगुणों के बिना मनुष्य ‘श्रावक’ यह संज्ञा प्राप्त नहीं कर सकता। आधुनिक युग जहाँ अनुसंधानों की गहराइयों…