बाराबंकी का परिचय ( प्रथम त्यागभूमि )!
पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी की प्रथम त्यागभूमि बाराबंकी का परिचय लेखक-अजय कुमार जैन, बाराबंकी’ (मंत्री-दि. जैन समाज, बाराबंकी)’ आचार्यों द्वारा कथित यह श्लोक महापुरुषों की चरणरज से पवित्र भूमियों के लिए अत्यन्त सटीक है- यत्रापि कुत्रापि भवंति हंसा:, हंसा: मही-मंडलमंडनानि। हानिस्तु तेषां हि सरोवराणां, येषां मरालै: सह विप्रयोग:।। अर्थात् मानसरोवर के…