समाज के नाम स्वस्तिश्री स्वामी जी के कतिपय संदेश बिन्दु स्वस्तिश्री स्वामी रवीन्द्रकीर्ति जी ने अपने सामाजिक जीवन के अनेक उतार-चढ़ाव एवं अनुभवों के आधार पर जो निष्कर्ष पाया, उस संदर्भ में भारत वर्ष की समस्त जैन समाज एवं राष्ट्रीय/क्षेत्रीय संस्थाओं से धर्मसंरक्षण एवं धर्मप्रभावना हेतु कतिपय संदेश बिन्दु प्राप्त करके हम यहाँ प्रस्तुत कर…
निर्वाण चतुर्दशी व्रत(शिवरात्रि व्रत) (जैनेन्द्र व्रत कथा संग्रह मराठी पुस्तक के आधार से) भगवान ऋषभदेव ने माघ कृ. १४ को कैलाशपर्वत से शिवपद अर्थात् मोक्षपद को प्राप्त किया है। इस तिथि को इसीलिए शिवरात्रि व्रत कहते हैं। व्रत विधि- माघ कृष्णा चतुर्दशी को उपवास करके जिनमंदिर में भगवान ऋषभदेव का महाभिषेक करके उनकी पूजा करें।…
बेटा पराया हो गया एक लड़के की शादी हो गई १. कल का लड़का आज पति बन गया। २. कल तक मौज करता, हर एक पर फब्तियां कसने वाला लड़का, आज किसी का रखवाला बन गया। ३. कल तक अण्डरवियर पहन कर पूरे घर में घूमने वाला लड़का, आज नाइट शूट में बैडरूम में जाना…
मिथिलापुरी तीर्थ १३. तीर्थंकर मल्लिनाथ एवं नमिनाथ जन्मभूमि उन्नीसवें तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ और इक्कीसवें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ की जन्मभूमि ‘‘मिथिलापुरी’’ है जो वर्तमान में नेपाल के अंदर मानी जा रही है। उत्तरपुराण ग्रंथ में मिथिला नगरी बंग देश (बंगाल) में वर्णित है अतः यह खोज का विषय है। इस मिथिला नगरी में इन दोनों तीर्थंकरों…
भगवान महावीर पुस्तक में विसंवाद पंचरंगी ध्वज एक बार आचार्य श्री धर्मसागर के पास लाल मंदिर के एक कमरे में कुछ लोग पंचरंगी ध्वज का विरोध लेकर आ गये। मैं बैठी सब सुनती रही। आचार्यश्री भी सुन रहे थे। कुछ देर बाद मैंने आचार्यश्री धर्मसागर जी से आज्ञा लेकर समाधान देना और समझाना शुरू किया।…
व्रत-वास: वैज्ञानिक अनुचिंतन सारांश प्रस्तुत आलेख में जैन एवं जैनेतर परम्परा में व्रत, उपवास के महत्व तथ शरीरविज्ञान की दूष्टि से उसकी उपयोगिता की. विस्तार से चर्चा की गई है। इसी क्रम में कतिपय विशिष्ट अनुसंधानकर्ताओं के उपवास के प्रयोगों एवं उसके परिणामों को भी संकलित किया गया है। जैन धर्म में पर्व , व्रत…