11. गतियों से आने—जाने के द्वार
गतियों से आने—जाने के द्वार ‘ भवाद्भवांतरावाप्ति: गति: ‘ एक भव को छोड़कर दूसरे भव के ग्रहण करने का नाम गति है। गति के चार भेद हैं— नरकगति, तिर्यंचगति, मनुष्यगति और देवगति। एक—एक गति से आने के और उसमें जाने के कितने द्वार हैं सो ही देखिये— नरकगति से आने—जाने के द्वार— नरक गति से…