मुनिचर्या
२. मुनिचर्या मूलगुण मुनियों के प्रधान आचरण को मूलगुण कहते हैं । ‘मूल’ शब्द के अनेक अर्थ होते हैं । फिर भी यहाँ मूल का प्रधान-मुख्य ऐसा अर्थ लिया गया है । ‘गुण’ शब्द के भी अनेक अर्थ हैं फिर भी यहाँ ‘आचरण विशेष’ ऐसा अर्थ लिया है । ये मूलुण इस लोक और परलोक…