ज्ञान से लेकर आचरण का महत्त्व तक
ज्ञान मनुष्य ज्ञान से पदार्थों को जानता है, दर्शन से उन पर श्रद्धा करता है, चारित्र से कर्मों के आगमन को रोकता है और तप से आत्मा को शुद्ध करता है। सम्यक् ज्ञान जीवन में पहला स्थान ज्ञान का है और फिर दया का। सभी साधुवृंद इसी प्रकार संयम में स्थित होते हैं। अज्ञानी क्या…