गौतमस्वामी प्रणीत कृतियों का परिचय!
श्री गौतमस्वामी प्रणीत कृतियों का परिचय ये रचनाएँ श्री गौतमस्वामी प्रणीत हैं, इनके प्रमाण देखिए- चैत्यभक्ति के प्रारंभ में टीकाकार श्री प्रभाचंद्राचार्य कहते हैं–‘‘श्री वर्धमानस्वामिनं’’ प्रत्यक्षीकृत्य गौतमस्वामी स्तुतिमाह-श्रीवर्धमान को प्रत्यक्ष देखकर-उनका प्रथम दर्शन प्राप्तकर श्री गौतम स्वामी स्तुति करते हुए कहते हैं- हरिणी छंद-‘‘जयति भगवान्’’……इत्यादि।‘श्रीगौतमस्वामी दैवसिकादिप्रतिक्रमणादिभिर्निराकर्तुमशक्यानां दोषानां निराकरणार्थं वृहत्प्रतिक्रमण—लक्षणमुपायं विदधानस्तदादौ मंगलाद्यर्थमिष्ट-देवता-विशेषं नमस्कुर्वन्नाह णमो जिणाणमित्यादि’’।ये ‘‘णमो…