जैन पद्मपुराण में नारी का पारिवारिक आदर्श स्वरूप
जैन पद्मपुराण में नारी का पारिवारिक आदर्श स्वरूप डॉ. कैलाशचन्द जैन बड़ौत—मेरठ (उ०प्र०) धर्मग्रन्थों— धर्म—शास्त्रों को आध्यमित्मक श्रद्धाभाव से पढ़ लेना एक धार्मिक परम्परा के रूप में बनता चला जा रहा है। मनन, चिन्तन कर उनसे आदर्श, नैतिक मानवीय, व्यवहारिक, निर्देशों उपदेशों एवं शिक्षाओं को जीवन मेेंं समाहित कर, नैतिक आदर्शों से युक्त जीवन यापन की…