इतिहास अपने को दुहराता है
इतिहास अपने को दुहराता है (काव्य बयालीस व तेतालींस से सम्बन्धित कथा) मनुष्य को कभी भी कान का कच्चा नहीं होना चाहिये। प्रत्येक परिस्थिति को अपनी विवेक-तुला पर तौल कर ही अपने कत्र्तव्य स्थिर करना चाहिये। बुन्देलखण्ड मे एक कहावत प्रसिद्ध है कि, ‘‘सुनने वाला सावधान हो तो कान भरने वाले का जादू टोना छूमन्तर…