हस्तिनापुर तीर्थ स्तुति
हस्तिनापुर तीर्थ स्तुति दोहा समवसरण में राजते, ज्ञानज्योति से पूर्ण।शांति-कुंथु-अर नाथ को, वंदत ही दु:ख चूर्ण।।१।। शंभु छंद श्री आदिनाथ को सर्वप्रथम, इक्षूरस का आहार दिया।श्रेयांस नृपति ने, यहाँ तभी से, दान तीर्थ यह मान्य हुआ।। देवों ने पंचाश्चर्य किया, रत्नों की वर्षा खूब हुई।वैशाख सुदी अक्षय तृतिया, यह तिथि भी सब जग पूज्य हुई।।२।।...