उत्तरप्रकृति विपरिणमना!
उत्तरप्रकृति विपरिणमना Transition of secondary karmic nature. सत् का अवस्थान्तर की प्राप्ति करना जो प्रकृति देश या सर्व संक्रमण के द्वारा अन्य प्रकृति में संक्रमण को प्राप्त करायी जाये।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्तरप्रकृति विपरिणमना Transition of secondary karmic nature. सत् का अवस्थान्तर की प्राप्ति करना जो प्रकृति देश या सर्व संक्रमण के द्वारा अन्य प्रकृति में संक्रमण को प्राप्त करायी जाये।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरंदर – Puramdara. A title for Indra, celestial or heavenly deity. इन्द्र का पर्यायवाची नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञापन – Pragyapana. Injuction, Presentation. प्ररुपणा, निरुपणा, प्रज्ञापना ये एकार्थवाची हैं “
उत्तरचर हेतु Something causing accomplishment of the past in present. पूर्व में जो हो गया है उसकी वर्तमान में सिद्धि करने वाला हेतु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतशोका –Vitashoka. Name of a capital city of sarit country of west videh (region), Name of the 25th city of north-ernvijayardh mountain. A large lake of squth- ernNandishvardvip (island). पशिचम विदेह के सरित देश की राजधानी, विजयार्ध की उत्तरश्रेणी का २५ वां नगर, नंदीश्वर द्वीप की दक्षिण की एक बावड़ी “
उत्कृष्टपरीतानंत An uncountable number. जघन्ययुक्तानंत की संख्या से एक कम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेद विज्ञान:Science of differentiation (between self-own soul & other). सम्यग्ज्ञान; गुरुपदेश से अथवा शास्त्राभ्यास से या स्वात्मानुभव से स्व व पर के भेद को जानना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विर्याचार –Viryacara. One of the 5 conducts – conduct with spiritual strength. ५ आधारों में एक आचार, अपनी शक्ति को न छिपाकर उत्साहपूर्वक आत्मबल के साथ चरित्र पालना “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मीना–Miina. Name of the chief Aryika (Ganini) in the assembly of Lord Suparshvnath. तीर्थंकर ससुपार्श्वनाथके समवशरण में विघमान 3 लाख तीस हजार आर्यिकाओ में मुख्य आर्यिका (गणिनी)”
उत्करिकासन तप A type of sitting austerity. कायक्लेश तप का एक भेद-ऊपर को संकुचित होकर बैठना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]