दिशामंत्य!
दिशामंत्य Another name of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत का अपरनाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिशामंत्य Another name of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत का अपरनाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलदेव- बलभद्र; नारायण के बड़े भई, ये संख्या में 9 होते हैं एवं स्वर्ग या मोक्ष जाते है। Baladeva- A type of great personages
देयद्रव्य Matters to be added into Nishek and Krishti (specific Karmic aggregate). देने योग्य पदार्थ (व्यवहारिक अर्थ) जो द्रव्य निषेकों व कृष्टियों आदि में जोड़ा जाता है, उसे देय द्रव्य कहते हैं। (सैद्धान्तिक अर्थ)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उपशमसम्यग्दृष्टि One who acquires right faith due to upasham. उपशम सम्यक्त्व को प्राप्त करने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बन्ध (पुण्य-पाप)- पुण्य एवं पाप कर्मो का बंध होना। Bandha (punya- papa)- Binding of karmas- meritorious & demeritorious
दृष्टिभेद Differences in view or vision. विचारों में या दृष्टिकोण में भेद, या अंतर होना ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
भद्रबाह- ये पाँचवे श्रुतकेवली थे। 12 वर्ष के दुर्भिक्ष के कारण इनको उज्जैनी छोड़कर दक्षिण की ओर प्रस्थान करना पड़ा था। सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य भी उस समय उनसे दीक्षा लेकर साथ ही दक्षिण देश को चले गये थे। श्रवण बेलगोल में चन्द्रगिरी पर्वत पर दोनों की समाधि हुयी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुष्प्रयुक्त निक्षेप Involvement in wicked and vicious activities. अजीवाधिकरण का एक भेद मन वचन काय की दुष्टता पूर्वक प्रवृत्ति करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बध्यमान कर्म- मिथ्यात्वादि प्रत्ययों द्वारा कर्म रुप प्राप्त होने वाला कार्मण स्कंध बध्यमायन कहलाता है। Badhyamana Karma- A karmic aggregate bound with delusions
दुर्योधन The eldest son of Dhritrashtra. घृतराष्ट्र का पुत्र दुःशासन आदि सौ भाइयों का अग्रज।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]