राजा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजा – देष का एक प्रधान पुरूश, प्रजा का रक्षक। Raja-A king as a protector, a ruler of a country
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजा – देष का एक प्रधान पुरूश, प्रजा का रक्षक। Raja-A king as a protector, a ruler of a country
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिमनाष – Himanaasa. Deformation of ice, cause of asceticism of Lord Shitalnath. बर्फ का पिधल जाना (यह तीर्थकर शीतलनाथ की वैराग्य उत्पत्ति का कारण था)।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर भाव:Passionate feelings contrary to the real nature of soul.परचतुष्टय में एक, अनंत ज्ञानदर्शनादि आत्मभवों के अतिरिक्त अन्य सभी राग-द्वेषादि विभाव परभाव है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोभद्र – श्रुतकेवली भद्रबाहु द्वि के गुरू जो आचारांग के गुरू थे। समय ई पू 53 – 35 Yoshobhadra and another name of Acharya Bhadrabahu (II)
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हास्य वेदनीय कर्म प्रकृति – Haasya Vedaniya karma Prakrti. The Karmic nature causing laughing or ridiculous feelings. मोहनीय कर्म की प्रकृति। जिस कर्म के उदय से जीव के हास्य निमित्तक या हंसी रुप भाव उत्पन्न होते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोधर – भूतकालीत 19 वें तीर्थकर, मध्यम ग्रैवेयक का एक इन्द्रक विमान, मानुशोत्तर पर्वत के सौगन्धिक कूट का एक देव, एक राजा जिन्होने आटे के मुर्गे की बलि करके कई भवों तक दुर्गति के दुख उठाये। देखें – यषोधर चरित, आटे का मुर्गा आदि पुस्तकें। Yasodhara-Name of the 19th Tirthankar (Jaina-Lord) in the past…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हर्ष – Harsa. Happiness, pleasure, name of the predestined 3rd Rudra (saint trainted from the real path). प्रसन्नता, भावीकालीन तीसरा रुद्र।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रि – रात – सूर्यास्त से लेकर सूर्यांेदय तक का समय। Ratri-Night time(hours)
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिदवे (कवि) – Harideva (Kavi). Name of an Apabhransh poet, the writer of ‘Mayanparajaya Cariu’. चंगदेव की सप्तम पीढ़ी मे उत्पन्न, मयणपराजय चरिउ के रचयिता एक सद्गृहस्थ अपभं्रष कवि।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहितास्या नदी – 14 महानदियों में चैथी नदी,, ये हिमवान पर्वत के सरोवर से निकलकर हैमवत क्षेत्र में बहकर पष्चिम समुद्र में गयी है। Rohitasya nadi-Name of the fourth great river among 14