खुरपा!
खुरपा A weeding or scraping instrument. घास छीलने का एक औजार,जो संज्वलन कषाय माया की शक्ति का उदाहरण है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
खुरपा A weeding or scraping instrument. घास छीलने का एक औजार,जो संज्वलन कषाय माया की शक्ति का उदाहरण है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृच्छना – Prcchana. Questioning. स्वाध्याय के ५ भेदों में एक भेद; किसी विषय में संशय होने पर उसे दूर करने हेतु प्रशन पूछना “
दैव Accumulation of results of good and bad deeds of past life. भाग्य- प्राणी ने पूर्व भव में जिस पाप या पुण्य कर्म का संचय किया है वह दैव कहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
खेचरनी Another name of female Vidyadhars. विद्याधर स्त्रियाँ । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावबंध – Bhavabamdha. Psychical bondage of Karmas. जिस चेतन परिणाम से कर्म बंधता है वह भाव –बंध है ” जैसे- क्रोधादि परिणाम भाव बंध कहलाते हैं अर्थात् आत्मा के शुध्द – अशुध्द परिणामों से जो कर्म का बंध होता है “
उत्सर्गपद्धति A supreme dedicational system (of omniscient etc.) for getting salvation.मोक्षमार्ग की वह पद्धति जिसमें वज्रवृषभनाराच प्रथम संहनन से ही ध्यान अथवा मोक्ष होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिशिष्ट – Pratishishta. See – Pratichhanda. देखें – प्रतिछंद “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्मान : == तम्हा सव्वे वि णया, मिच्छादिट्ठी सपक्ख—पडिबद्धा। अण्णोण्णणिस्सिया उण, हवंति सम्मत्तसब्भावा।। ——सन्मति तर्क प्रकरण : १-२१ अपने—अपने पक्ष में ही प्रतिबद्ध परस्पर निरपेक्ष सभी नय (मत) मिथ्या हैं, असम्यक् हैं, परन्तु ये ही नय जब परस्पर सापेक्ष होते हैं तब सत्य एवं सम्यक् बन जाते हैं।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिरूपक व्यवहार – pratirupaka Vyavahaara. Trade with adulteration. अचौर्यागुणव्रत का एक अतिचार; असली वाटू में नकली वस्तु मिलाकर बेचना, जैसे-सोने में ताँबा मिलकर बेचना “