बहिरात्मा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहिरात्मा – मिथ्यादर्शन से मोहित जीव जो आत्मा के ज्ञान, ध्यान से विमुख रहकर इन्द्रियों के सुख को भेगता है। Bahiratma- Follower of materialism of worldly enjoyments
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहिरात्मा – मिथ्यादर्शन से मोहित जीव जो आत्मा के ज्ञान, ध्यान से विमुख रहकर इन्द्रियों के सुख को भेगता है। Bahiratma- Follower of materialism of worldly enjoyments
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविवयकहा – नेमिचंद्र – 6 द्वारा कृत एक अपभ्रंष ग्रंथ। Ravivayakaha-name of a book in Apabhransha language
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसमान – मान के दो भेदो मे एक भेद, घी आदि तरल पदार्थो को मापने की छटकी आदि प्राचीन इकाई। Rasamana-Old measurement unit of liquids
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलऋद्धि- एक ऋद्धि जो मन, वचन व काय क भेद से तीन प्रकार की होती है। परीाहों के सहने में बलप्रदायिनी ऋद्धि। बाहुबली भगवान ने यह ऋद्धि अपने तपोबल से प्रप्त की थी। Balarddhi- A type of supernatural power related to strength
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूचक – सौ धर्म स्वर्ग का 15 वा पटल व इन्द्रक। मध्यलोक का 13 वां द्वीप व समूह निशघ पर्वत व कुण्डलवर पर्वत का एक एक कूट। Rucaka-name of the 15th patal (layer) & Indrak of saudharma heaven, name of summits of different mountains
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मि पर्वत – जम्बद्वीप के 6 कुलाचल पर्वतों में 5 पर्वत , यह चांदी के समान है।इस पर महापुण्डरिक हद है जिसमें बुद्धिदेवी रहती है। Rukmi parvata-name of the fifth kulachal (mountain) among all six
महापुराण- आचार्य जिनसेन कृत कलापूर्ण संस्कृत काव्य जिसे इनकी मृत्यु के पश्चात् इनके शिश्य आ0 गुणभद्र ने पूरा किया । जिनसेन वाले भाग का नाम आदि पुराण है जिसमें भगवान ऋषभ तथा भरत बाहुबलि का चरित्र चित्रित किया गया है। इसमें 47 पर्व तथा 15000 श्लोक है गुणभद्र वाले भाग का नाम उत्तर पुराण है…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूचकवर सागर – रूचकवर द्वीप को धेरे हंुए एक समुद्र इसके जल का स्वाद मीठा है।विस्तार 16782336 लाख योजन है। Rucakavara sagara-name of an ocean surrounding Ruchakvardvip (island) with having sweet water
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाधक- जो रुकावट को कारण हो जैसे, मिथ्यात्व कर्म सम्यक्त्व का बाधक है। Badhaka- Obstuctive, hindering, restrictive