ललाम!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ललाम – श्रेश्ठ, तिलक। Lalama-Supreme, Excellent
दिक्शुद्धि Directional purity, an activity of Jaina saints for Svadhyay. धवला आदि सिद्धान्त ग्रंथों के सवाध्याय हेतु की जाने वाली एक विशेष क्रिया पिछली रात्रि में वैरात्रिक स्वाध्याय के पश्चात् चारों दिशाओं में 27-27 श्वासोच्छ्वासपूर्वक 9-9 बार णमोकार मंत्र पढकर पौर्वाणिहक (प्रातःकालीन ) स्वाध्याय के पश्चात् अपरान्हिक स्वाध्याय हेतु 21-21 उच्छ्वासों में 7-7 बार चारों…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम नक्षत्र – Madhyam Naksatra. Particular group of lunars. 30 मुहूर्त के नक्षत्रों को मध्यम नक्षत्र कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोम समानता – अर्हत भगवान का एक अतिषय – सजीव होते हुए भी नख रोम और केषो का समान रहना अर्थात न बढना। Roma samanata- A transcendental excellence of lord Arihant, not increasing of nails & hair
ग्राह्य-ग्राहक भाव Sentimentally acceptance of matters. भावेंद्रिया के द्वारा ग्रहण किए गए इन्द्रियों के विषयभूत पदार्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दीपावली A great festival; the day when Nirvan (Liberation) of Lord Mahavira took place. एक त्यौहार महाबीर भगवान का निर्वाण दिवस । इस दिन भगवान महाबीर ने पावापुरी जलमंदिर से निर्वाण प्राप्त किया था तब देवों ने आकार दीपमालिका सजाई थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चरू Naivedya (edible articles), an offering article of worshipping. पूजा का एक द्रव्य, नैवेद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुमास – Madhumasa. Spring season. बसंत ऋतु (चैत्र एवं वैशाख ये दो मास बसंत ऋतु के कहलाते हैं) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसक्त द्रव्यसेवा – Sansakta Dravyasevaa. An activity of non-celibacy, using articles of a woman. 10 प्रकार के अब्रह्म में एक; स्त्री का स्पर्श अथवा उसकी शय्या आदि पदार्थों का सेवन करना “
चंद्रभागा The present Chinab river of Punjab. पंजाब की वर्तमान चिनाब नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]