विजयमित्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयमित्र – Vijayamitra.: Name of the 32nd chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थंकर ऋषभदेव के 32वें गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयमित्र – Vijayamitra.: Name of the 32nd chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थंकर ऋषभदेव के 32वें गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदभाव स्थापना – Sadbhaava Sthaapanaa. Installing right imagination of something in an artificial form. तदाकार स्थापना, जिसका जैसा आकार अथवा रुप हो वैसा ही उसकी मूर्ति मे संकल्प अथवा संकल्पना करना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नमती – बीसवी सदी की एक प्रसिद्ध आर्यिका,जो गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी की गृहस्थावस्था की मा थी।सन् 1924 मे इनका जन्म महमूदाबाद में हुआ, इन्होंने अपने विवाह में पिता से दहेज मे प्राप्त पùनंदी पंचविंषतिका ग्रथ का स्वघ्याय करके अपने जीवन को सुसंस्कृत किया। जिसके फलस्वरूप इनकी संन्तानो में भी त्याग के बीज…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजय – Vijaya.: Victory,Name of the governing demigod of Lord Suparshvanath,Name of the first Balbhadra,Name of an Anuttar heavenly abode. जीत,भगवान चन्द्रप्रभु का शासन देव ,प्रथम बलभद्र ,एक अनुत्तर विमान “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंखली:A prapogator of falsehood. अपरनाम. मस्करीयापूरनकश्यप द्य भाव संग्रह ग्रंथ के अनुसार ये पहले दिगम्बर मुनि थे पुनःभगवान महावीर के समवशरण से बाहर निकल कर इन्होंने अज्ञान मत का प्रचार किया ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नप्रभ – रूचक पर्वत का एक कूट Ratnaprabha- Name of a summit situated at Ruchak Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रांत – Vikraanta.: Courageous, victorious. साहसी ,विजेता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युगप्रतिक्रमक – पंचवर्शीय प्रतिक्रमण, 5 साल में सामूहिक रूप से साधुओ द्वार किया जाने वाला प्रतिक्रमण Yugapratikramana-A religious observance (repentance) to be performed by saints in every 5 year
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलप्रत्यक्ष –Vikalapratyaksha.: Self revealed knowledge (without the aid of sense organs)like clairvoyance,telepathy. जो ज्ञान रूपी पदार्थ को बिना किसी की सहायता से स्पष्ट जानता है “अवधिज्ञान व मनःपर्ययज्ञान विकल प्रत्यक्ष ज्ञान है “