धन्य!
धन्य Felicitous, Name of a saint of the era of Lord Mahavira. अभिनंदनीय ; एक मुनि भगवान महावीर के तीर्थ के अनुत्तरोपपादकों में से एक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धन्य Felicitous, Name of a saint of the era of Lord Mahavira. अभिनंदनीय ; एक मुनि भगवान महावीर के तीर्थ के अनुत्तरोपपादकों में से एक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संतोष – Santosha. Satisfaction,Contentment. शांति, परितुष्टि ” अर्थात् लोभ-तृष्णा का अभाव “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वमुख उदय – Svamukha Udaya. Natural fruition of karmas. कर्म प्रकृतियो का आपरुप होकर ही उदय मे आना स्वमुख उदय है एवं अन्य प्रकृति रुप होकर उदय मे आना परमुख उदय हैं।
धनकुमार चरित्र A book written by Acharya Gunbhadra. आचार्य गुणभद्र(ई. 1182) द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मिथ्यात्व : == मिथ्यात्वं वेदयन् जीवो विपरीतदर्शनो भवति। न च धर्म रोचते हि, मधुरं रसं यथा ज्वरित:।। —समणसुत्त : ६८ जो जीव मिथ्यात्व से ग्रस्त होता है, उसकी दृष्टि विपरीत हो जाती है। उसे धर्म भी रुचिकर नहीं लगता, जैसे ज्वरग्रस्त मनुष्य को मीठा रस भी अच्छा नहीं…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्वभाव द्रव्य पर्याय – Svabhaava Dravya Paryaaya. Natural states of matters. कर्मोपाधि रहित पर्याये स्वभाव द्रव्य पर्याये कही जाती है। सब द्रव्यो की जो अपने अपने प्रदेशो की स्वभाविक स्थिति है वही द्र्रव्यो की स्वभाव पर्याय है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव सल्लेखना – Bhava Sallekhana. Auspicious and holy death with destruction of passions. राग, द्वेष और मोह से रहित होकर मृत्यु को प्राप्त करना “
आनंदिता Name of a female divinity of Vajra summit of Nandan forest. नन्दन वन के वज्रकूट की स्वामिनी टिक्कुमारी देवी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वभाव – Svabhaava. Nature, property, characteristic.वस्तु का असाधारण और शाश्वत धर्म ही उसका स्वभाव कहलाता है। जैसे- जीव का स्वभाव चेतना या जानना, देखना है।
द्वैधीभाव Dual nature as a virtue of king. राजा का एक गुण शत्रुओं में यथावश्यक संधि और विग्रह करा देना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]