प्रामाण्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रामाण्य- प्रामाणिकता; प्रमाण का कर्म प्रमाण्य कहलाता है वह पदार्थ के निष्चय करने रुप लक्षण वाला होता है। Pramanya- Authenticity, authority
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रामाण्य- प्रामाणिकता; प्रमाण का कर्म प्रमाण्य कहलाता है वह पदार्थ के निष्चय करने रुप लक्षण वाला होता है। Pramanya- Authenticity, authority
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयशुध्दि – Vinayashuddhi. Reverential purity. कीर्ति, आदर आदि लौकिक फलों की इच्छा छोडकर साधर्मी जन, गुरुजन, इत्यादिकोण का विनय करना विनय शुद्धि है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राभृत- जो प्रकृश्ट अर्थात् तीर्थकर के द्वारा आमृत अर्थात् प्रस्थापित किया गया है वह प्राभृत है। समय प्राभृत या षट् प्राभृत आदि नाम के ग्रंथ। श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 15 वाँ भेद; यह ज्ञान प्राभृत-प्राभृत समास में एक अक्षररुप श्रुतज्ञान की वृद्धि होने से होता है। Prabhrta- A type of Scriptural Knowledge (shrutgyan)
ऊर्ध्व रेणु A length unit, 8 Sannasannas. लम्बाई का एक प्रमाण आठ सन्नासन्न।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणायाम- ष्वास को अंदर खीचना कुम्भक, रोक कर रखना पूरक एवं धीरे-धीरे बाहर छोड़ना रेचक है, यें तीनो मिलकर प्राणायााम कहलाते हैं। Pranayma- Yoging respiratory control, meditation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राचीर- दीवार, घेरा। Pracira- Enclosure, Rampart, a parapet The walls erected around a city or fort
झष Name of the 3rd Patal (layer) of the 5th hell.5 वें नरक का तीसरा पटल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहिरंग धर्मध्यान- पंच परमेठी की भक्ति आदि तथा उनके अनुकूल शुभानुठान अर्थात् पूजा, दान विनय आदि करना। Bahiranga dharmadhyana- Euological devotion for the lord Arihant
जघन्य कृष्टि Lowest destruction of passion. सबसे स्तोक (कम) अनुभाग वाली प्रथम कृष्टि जघन्य कृष्टि है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बल- मन, वचन, काय की शक्ति, ऋाभदेव भगवान एवं सुपाश्र्वनाथ भगवान के गणणरो का नाम, 9 वें बलदेव का नाम। Bala- Strength (related to mind speech & body) name of chief disciples of lord Rishabhadeva & Lord Parshavnath name of the 9th baladeva