उभयदूषण!
उभयदूषण A judicial bilateral fault. न्याय विषयक एक दोष। एकान्तरूप से अस्तित्व मानने पर जो दोष नास्तित्वाभाव रूप आता है अथवा नास्तित्वरूप मानने पर जो दोष अस्तित्वाभाव रूप आता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उभयदूषण A judicial bilateral fault. न्याय विषयक एक दोष। एकान्तरूप से अस्तित्व मानने पर जो दोष नास्तित्वाभाव रूप आता है अथवा नास्तित्वरूप मानने पर जो दोष अस्तित्वाभाव रूप आता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदकवि – Namdakavi A pandit who wrote ‘Sudarshan Charitra’. पंडित; सुदर्शन चरित्र के कर्ता ”
आदितीर्थ Primeval place of pilgrimages, Ayodhya & Sammedshikhar are also called as eternal (Shashvat). मूल अथवा प्राचीन तीर्थ-शाश्वत तीर्थ अयोध्या एंव शाश्वत तीर्थ सम्मेदशिखर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऋष्यमूक Name of a mountain of Bharat Kshetra (a region). भरत क्षेत्र का एक पर्वत।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ध्रुवोदयी प्रकृति Karmic nature with concomitant fruition up to their annihilation. उदय व्युच्छित्ति पर्यंत जिनका उदय होता है । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हेतु – Hetu. Cause, purpose, intention. जो साध्य के साथ अविनाभाविपने से निष्चित हो अर्थात् साध्य के बिना न रहे उसको हेतु कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्मा:Supreme soul, Loard Arihant & Siddha.उत्कृष्ट आत्मा, अद्वैत एवं सिद्व भगवान ।
ध्यानस्थ One engrossed in deep meditation. योगी, ध्यान में मग्न साधक । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिरण्योत्कृष्ट जन्मता – Hiranyotkrsta Janmataa. An auspicious activity (gold rain, pertaining to the birth of Tirthankar Jaina Lord). गर्भन्वयी 53 क्रियाओ मे 39 वीं किं्रया-तीर्थकरो के जन्म संबंधी उत्कृष्टता की सूचक अन्य बातो के साथ साथ स्वर्ण ही वर्षा होना।