मिश्र योनि!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र योनि–Mishra Yoni. Generating place with mixed forms. सचित्ताचित्त योनि” शीत उष्ण सचित्त–असचित्त यासंवृतविव्रंत मिली हुई गुण योनि”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र योनि–Mishra Yoni. Generating place with mixed forms. सचित्ताचित्त योनि” शीत उष्ण सचित्त–असचित्त यासंवृतविव्रंत मिली हुई गुण योनि”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्य भवन :Palace of Somdev situated in the east of Nandon etc. forests of Sumeru (mountain). सुमेरू पर्वत के नन्दनादि वनों के पूर्व में स्थित सोमदेव का भवन।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्तिपरिसंख्यान –Vrtti. Conduct, Behaviour, Natural tendency. बाह्य तप का एक भेद – आहार को जाते समय अनेक प्रकार की प्रतिज्ञा या आकड़ी लेना “
चंडिका A passionate or enraged woman, title of the goddess Durga. एक देवी का उपमान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पक्षपाती श्रोता: Listeners who criticizes or gives wrong favour to one. विपरीत व दृष्टबुद्वि के धारक श्रोता जो विपरीत तत्वों में दुराग्रह करते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराधना – Viradhana. Pain, Affiction, Unreverential,Dishonourable. जो परिणाम राध अर्थात् आराधना रहित, है, वह विराधना है ” एकेन्द्रिय आदि जीवों को मारना या कष्ट पहूँचना जीव विराधना या आसदना कहा जाता है “
गुप्तसंवत् An era that of Chandragupt (began in 320 Christian era). गुप्त साम्राज्य के प्रथम सम्राट चंद्रगुप्त द्वारा ई.३२० में स्थापित किया गया एक संवत् ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलप्रभ – Vimalaprabha. Name of the 4th Jaina-Lord of the past era and name of a protecting peripatetic deity of kshirvar ocean. भूतकालीन चौथे तीर्थकर, क्षीरवरसमुद्र का एक रक्षक व्यंतर देव “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोत्पन्नसुख – Manotpanna Sukha. Mental pleasure or bliss. मनकेद्वाराउत्पन्नसुख , जैसेहवाआदिकास्पर्शहोना “