योग्यता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग्यता – अपने आवरण अर्थात ज्ञान को ढकने वाले कर्म के क्षयोपक्षम को योग्यता कहते है अर्थात सामथ्र्य ज्ञान की अनुरूपता। Yogyata-talent, capability, Competency, Qualification
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग्यता – अपने आवरण अर्थात ज्ञान को ढकने वाले कर्म के क्षयोपक्षम को योग्यता कहते है अर्थात सामथ्र्य ज्ञान की अनुरूपता। Yogyata-talent, capability, Competency, Qualification
गोमेदक Name of an earth layer in the base of Ratnaprabha earth, A precious stone. रत्नप्रभा पृथ्वीके खरभाग के १६ पटलों में एक पटल का नाम, एक कीमती पत्थर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्नासन्न – Sannaasanna. A unit of area measurement. क्षेत्र का एक प्रमाण विषेष, 8 अवसन्नासन्न = 1 सन्नासन्न।
दर्शनविशुद्धि Purity of right faith. 16 कारण भावना में पहली भावना सम्यग्दर्शन को अत्यन्त निर्मल व दृढ़ हो जाना। इसके होने पर ही तीर्थंकर प्रकृति का बंध संभव है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्मा – Suddhaatmaa. The passionless supreme soul. राग-द्वेषादि रहित वीतरागी शुद्ध आत्मा “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदकषाय:Virtuous nature of one, less passionate. सभी से प्रिय वचन बोलना, खोटे वचन बोलने पर दुर्जनों को भीक्ष मा करना, सभी के गुणों को ग्रहण करना आदि अर्थात्शुभलेश्या रूप परिणामों का होना मंदकषाय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोगराहित्य – रोगरूपी बाधा का अभाव होना। अर्हत भगवान के देवकृत अतिषयों में एक अतिषय। समवषरण में सम्पूर्ण जीवों को रोग आदि की बाधाए नही होना। Rogarahitya-Devoid of disease, an excellence of lord Arihant
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयिल – Vijayila.: Name of the 33rd chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 33वें गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजवृत्ति – राजा का कार्य, पक्षपात हो कुल की मर्यादा, बुद्धि और अपनी रक्षा करते हुए न्याय पूर्वक प्रजा का पालन करना राजाओं की राजवृत्ति कहलाती है। Rajavrtti-Ruling duties of a king