युगादि पुरूश!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युगादि पुरूश – कुलकर, युग के आदि में होने से इन्हेही युगादि पुरूश कहते है ये मुख्यत 14 होते है। Yugadi Purusa-The great personalities (Kulkars) in the beginning of the era
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युगादि पुरूश – कुलकर, युग के आदि में होने से इन्हेही युगादि पुरूश कहते है ये मुख्यत 14 होते है। Yugadi Purusa-The great personalities (Kulkars) in the beginning of the era
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथकत्व विक्रिया – Prthaktva Vikriya. Miraculous activity of making different forms of body at different places at time while original body remaining at original place. अपने मूल शरीर से भिन्न – भिन्न अनेक शरीर बनाकर उनमें अपने आत्मा के प्रदेशों को फैलाना ” जैसे – सौंधर्म इंद्र अपने मूल शरीर को सौधर्म…
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == लोभी : == सुवर्णरूप्यस्स च पर्वता भवेयु:, स्यात् खलु कैलाससमा असंख्यका:। नरस्य लुब्धस्य न तै: किंचित्, इच्छा खलु आकाशसमा अनन्तिका।। —समणसुत्त : ९८ कदाचित् सोने और चाँदी के कैलास के समान असंख्य पर्वत हो जाएं, तो भी लोभी पुरुष को उनसे तृप्ति नहीं होती, क्योंकि इच्छा आकाश के…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लता – 84 लाख लतांग प्रमाण काल धातिया कर्म की अनुभाग षक्ति का एक उदाहरण। Lata- A large unit of time
एकस्थान उपवास A vow (an austerity). कायक्लेश तप, शरीर को कृश करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्माद्वैत – Brahmadvaita. Name of a doctrine (related to monotheism). एक अद्वैतवाद मत ” ब्रम्ह को ही पारमार्थिक सत् मानने वाला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृष्ट – Prakrsta. Ultimate, supreme, excellent. सर्वोंतम, श्रेष्ठ, गौरवशाली “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रय – सम्यग्दर्षन, सम्यग्ज्ञान, सम्यग्चरित्र इन तीनो गुणो को रत्नत्रय कहते है। इनकी एकता मोक्षमार्ग है। Ratnatraya-Three spiritual jewels Right faith right knowledge right conduct
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष काल – Vishesha Kala. A type of peculiar time. विधि रूप वर्तन सामान्य काल है और निषेध स्वरूप विशेष काल हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] याचना – मांगना, निवेदन करना। Yacana-Entreaty, begging, petition, To refrain from begging even in need