शैलघन श्रोता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैलघन श्रोता – Shailaghana Shrotaa. A type of unwise or imprudent listener. 14 प्रकार के श्रोताओं में एक भेद; जिनके परिणाम हमेशा कठोर रहते हैं तथा जिनके ह्रदय में समझाये जाने पर भी जिनवाणी रो जल का प्रवेश नहीं होता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैलघन श्रोता – Shailaghana Shrotaa. A type of unwise or imprudent listener. 14 प्रकार के श्रोताओं में एक भेद; जिनके परिणाम हमेशा कठोर रहते हैं तथा जिनके ह्रदय में समझाये जाने पर भी जिनवाणी रो जल का प्रवेश नहीं होता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पंर्धक – Spardhaka. Group of aggregates of karmic molecules.वर्गणाओ के समूह को स्पंर्धक कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शेषवत अनुमान – Sheshvata Anumaan. Right anticipation of something by only partial observation of it . एक अवयव को देखने पर भी शेष अनेक अवयवों सहित सम्पूर्ण वास्तु का ज्ञान होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिर हृदय – Sthira Hydaya. Stable mind, name of a deity resident of ank summit of western kundalgiri.चित्त को निश्चल रखना अर्थात् आत्मस्थिरता या समता भाव, सामायिक।
दुःस्वर नाम कर्म प्रकृति A Karmic nature causing bad voice. एक कर्म प्रकृति जिसके उदय से स्वर अच्छा न मिले । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यम(लोकपाल)–Yam (Lokapala). Name of Vidhyadhar. कालाग्रि विधाधर का पुत्र, इंद्र द्वारा इसको किष्कुपुर का लोकपाल बनाया गया था” अन्त में यह रावण द्वारा हराया गया”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति संक्रमण – Sthiti Samkramana. Transition of karmic states.मूल व उत्तर प्रकृतियो की जो स्थिति उद्वर्तित या अपवर्तित की जाती है अथवा अन्य प्रकृति को प्राप्त कराई जाती है उसे स्थ्तिि संक्रमण कहते है।
दीपसेन Name of an Acharya, disciple of Acharya Nandisen. आचार्य नंदिसेन के शिष्य तथा धरसेन के गुरू (श्रुतावतार से भिन्न कथानुसार)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चौल क्रिया An auspicious act of mundane life, shaving of the head. गर्भान्वय क्रिया का एक संस्कार ; मुंडन कर्म ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]