नवग्रहशांति स्तोत्र
नवग्रह शांति स्तोत्र शंभु छन्द सिद्धों का वंदन इस जग में, आतम सिद्धी का कारण है। इनकी भक्ती से भक्त करें, दुर्गति का सहज निवारण है।। सब तीर्थंकर भगवंत एक दिन, सिद्धिप्रिया को पाते हैं। इसलिए सभी ग्रह की शांती में, वे निमित्त बन जाते हैं।।१।। नभ में जो सूर्य, सोम, मंगल, बुध, गुरु व...