ममकार!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ममकार – Mamakara. My-ness , A feeling of mine with worldly objects. आत्मा से भिन्न पर पदार्थों में मेरेपन का भाव ममकार हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ममकार – Mamakara. My-ness , A feeling of mine with worldly objects. आत्मा से भिन्न पर पदार्थों में मेरेपन का भाव ममकार हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर्य चर्या –ViryaCarya. See – ViraCarya देखे – वीर्य चर्या
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसावद्य योग -Sarvasaavadya yoga. Sinful worldly activities. समस्त आरंभ परिग्रह से सहित मन, वचन कायरूप योग । इनकी निवृत्ति सामायिक का लक्षण है।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्यक् दर्शन : == सम्मद्दंसणलंभो वरं खु तेलोक्कलंभादो। —भगवती आराधना : ७४२ सम्यक् दर्शन की प्राप्ति तीन लोक के ऐश्वर्य से भी श्रेष्ठ है। यथार्थतत्त्व श्रद्धा सम्यक्त्वम्। —जैन सिद्धान्त दीपिका : ५-३ जीवादि तत्त्वों की यथार्थश्रद्धा (सम्यक्—विचार) करना सम्यक् दर्शन है। दर्शनभ्रष्टा: भ्रष्टा:, दर्शनभ्रष्टस्य नास्ति निर्वाणम्। सिध्यन्ति चरितभ्रष्टा:,…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनोदीलाल – Vinodilala. Name of a great Jaina poet, the writer of ‘ Bhaktamar katha’ etc. many books. एक जैन कवि, भक्तामर कथा (वि.१७४७), सम्यकत्व कौमुदी (वि. १७४९) ग्रंथ के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वविभक्ति – Sarvavibhakti. Division of all Karmic aggregates. उत्कृष्ट स्थितिबंध होने पर जो प्रथम निषेक से लेकर अंतिम निषेक तक निषेक रचना होती है वह सर्व स्थिति विभक्ति है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाब्धिसम्पन्न ऋषि – सम्यग्दर्षन प्राप्ति का एक निमित लब्धिसम्पन्न ऋशियो का दर्षन। Labdhisampanna Rsi-Super saints, visiting of whom is a cause of right faith
छींक Sneeze (controlling sneezing is a physical mortification). अयन आदि कायक्लेश का एक भदे ; छींक , जंभाई आदि को रोकना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वधारा – Sarvadhaaraa. A mathematical sequence or series of numbers. 14 धाराओं में एक धारा । 1 से लगा कर केवल ज्ञान पर्यत के सर्वस्थान । जैसे 1,2,3,4 5 इत्यादि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योनिमती मनुष्यनी – भाव से स्त्री वेद एव द्रव्य से पुरूश या स्त्री या नपुंसक वेद से संयुक्त मनुश्य, मनुश्यनी योतिमती मनुश्यनी कहते है। Yonimati Manusyani-Those human beings who are female according to Bhav ved But who might be male, female or hermaphrodite according to Dravya ved