तदुभय उपक्रम!
तदुभय उपक्रम A type of materialistic persuance. अर्थाधिकार उपक्रम का एक भेद ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तदुभय उपक्रम A type of materialistic persuance. अर्थाधिकार उपक्रम का एक भेद ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदनीय –Vedaniya. Karmas causing the experience of pain & pleasure. ८ कर्मो में एक कर्म, जिसके उदय से जीव सुख व दुख का वेदन अथार्त अनुभव करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिर – Sthira. Stable, constant, name of a governing deity of Anka summit situated at kundal mountain.अविचल, कुण्डल पर्वतस्थ अंक कूट का स्वामी देव।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव प्रमाण – Bhava Pramana. Internally standard evaluation of something. भाव प्रमाण अर्थात् ज्ञान – दर्शन उपयोग ” वह जघन्य सूक्ष्म निगोदिया के, उत्क्रृष्ट केवली के, और मध्यम अन्य जीवों के होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर्य लब्धि – ViryaLabdhi A type of attainment pertaining to the vitality of beings. ५ लाब्धियों में एक लब्धि ” शक्ति की प्राप्ति जो वीर्यन्तराय कर्म के क्षयॉपशन से होती हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थितिकरण – Sthitikarana. Re-steadiness of one in religion (a part of right perception).सम्यग्दर्षन के 8 अंगो मे एक अंग। धर्म से विचलित होते हुए जीवो को या स्वंय को धर्म मे पुनः दृढ़ करना स्थितिकरण अंग है।
तत्वार्थभावना Thinking of ascertained reals. ध्यानशुद्धि की हेतु भूत ज्ञानशुद्धि में सहायक चिंतन[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग –Vitaraga. One free from all passions and attachments, or passionless one. जहां मोह का उदय न राह हो ” आत्म साधन के द्वारा जिन्होंने राग-द्वेष को नष्ट कर दिया है उन्हें वीतराग कहते हैं ” अरिहंत भगवान पूर्ण वितारागी होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थविर मुनि – Sthavira Muni. Senior saint guiding own saint-tradition.चतुर्विध संध के पाॅच आधारो आचार्य, उपाध्याय, गणधर, प्रवर्तक और स्थविर मे एक, जो मुनि संध मे संध की रीति व प्राचीन परम्परा बताये वह स्थविर मुनि होते है।
तत्वशक्ति Power of nature of an element. वस्तु के स्वभाव को तत्व कहते हैं वही तत्व शक्ति भी कहलाती है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]