लब्धिसार टीका!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसार टीका – आचार्य नंेतिचन्द्र कृत संस्कृत संजीवनी टीका तथा पं टोडरमल कृत भाशा टीेका। Labdhisara Tika-name of a commentary book written by Acharya Nemichandra and by pandit Todarmal
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसार टीका – आचार्य नंेतिचन्द्र कृत संस्कृत संजीवनी टीका तथा पं टोडरमल कृत भाशा टीेका। Labdhisara Tika-name of a commentary book written by Acharya Nemichandra and by pandit Todarmal
आहारक द्विक् Dyad assimilation pertaining to Aharak Sharir. आहारक शरीर आहारक अंगोंपांग।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति – Nirvrtti. Formative sense, Subtype of physical sense. नामकर्म के द्वारा होने वाली रचना विशेष (इंद्रिय) को निर्वृत्ति कहते है ” जसे-आँख की पुतली आदि “
दार्शनिक श्रावक See – Dar¹ana ©råvaka. देखें – दर्शन श्रावक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धि – Buddhi. Wisdom, Intelligence. ज्ञान, जिसके द्वारा समस्त पदार्थ के बारे में जाना जाता है “
आर्षयज्ञ Oblation-particular auspicious articles offering into the sacred fire. तीर्थंकर गणधर तथा अन्य केवलियों के शरीर संस्कार हेतु अग्रिकुमार इन्द्र के मुकुट से उत्पन्न त्रिविध अग्नियों के प्रतीक में हवन कुण्ड बनाकर मंत्रों के उच्चारण पूर्वक भक्तिसहित धूप सप्त धान्य घी आदि से आहुति देना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाशन – Prakashana. Publication, Making known. पुस्तक आदि को छापना, किसी विषय को प्रकाश में लाना, विभिन्न माध्यमों से धर्म की प्रभावना करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नश्रवा – सुमाली का पुत्र तथा रावण का पिता। Ratnasrava- Father’s name of ravan
आरम्भकोपदेश Giving suggestion to rise from unnecessary violece. खेती आदि करने वालों को पृथ्वी, जल, अग्रि, पवन आदि के आरंभ का उपाय बताना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणकल्याणक – Nirvaanakalyaanaka. Holy event of salvation of Lord – Arihant. पंचकल्याणकों में एक कल्याणक; तीर्थंकरों के निर्वाण के अवसर पर देवों द्वारा मनाया जाने वाला उत्सव “