मक्खन!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मक्खन:- Makkhana. Butter. नवनीत ; 22 अभ्यक्षों में एक अभ्य्क्ष (दूध या दही से मक्खन निकलने के एक मुहर्त पश्चात्त्र स जीवों की उत्पत्ति होने के कारण अभयक्ष कहलाता हैं ) “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मक्खन:- Makkhana. Butter. नवनीत ; 22 अभ्यक्षों में एक अभ्य्क्ष (दूध या दही से मक्खन निकलने के एक मुहर्त पश्चात्त्र स जीवों की उत्पत्ति होने के कारण अभयक्ष कहलाता हैं ) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रात – Brata. A king of kuru dynasty. कुरुवंश की प्रथम वंशावली का एक राजा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तद्वीपिक भूगोल – Saptadveeepika Bhuugola. Geography of seven particular islands on the earth which are interrelated to one another (according to Vedic geography). वैदिक भूगोल जिसके अनुसार पृथिवी पर जम्बू, प्लक्ष, शाल्मल, कुश, शाक और पुष्कर ये 7 द्वीप है। तथा लवगोद, इक्षुरस, सुरोद, सर्पिस्सलिल, दधितोय, श्रीरोध और स्वादुसलिल ये 7 समुद्र जो चूड़ी…
उदयदेव Name of an Acharya. वादीभसिंह की उपाधि से अलंकृत एक दगिम्बर आचार्य (ई.770-860)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्निधिकरण – Sannidhikarana. Drawing near, visionary installation of lord in heart while worshipping. सम्मुख या निकट होना सन्निधिकरण है। पूजा करते समय उपसाय को अपने हृदय मे बिठाना सन्निधिकरण कहलाता है। पूजा के 5 अंगो मे तीसरा अंग है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग धर्मध्यान –VitaragaDharmadhyana. Supreme stage of religious meditation (Dharmadyan) to the knowledge of supreme soul. धर्मध्यान की उत्क्रष्ट स्थिति – सातवें से दसवें गुणस्थान में होने वाली ध्यान अवस्था “
गुणप्रत्यासत्ति Mutual acceptance with virtues. संयोगसम्बन्ध ; गुणों द्वारा परस्पर का एक दुसरे को ग्रहण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदभाव:Slight consequences passions. कषायों की उदीरणा के अभाव में होने वाले मंद कषाय रूप परिणाम “
द्विज्ञानसिद्ध The soul who gets salvation by two types of super knowledges (in accordance with Bhutpragyapan Naya). भूतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा दो ज्ञान से सिद्ध होने वाले जीव।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]