निश्चय समिति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय समिति – Nishchaya Samiti. Absolute behaviour. अपने स्वरुप में सम्यक् प्रकार से गमन अथवा परिणमन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय समिति – Nishchaya Samiti. Absolute behaviour. अपने स्वरुप में सम्यक् प्रकार से गमन अथवा परिणमन करना “
तर्क Argument, Inductive reasoning, Logic. उपलब्धि और अनुपलब्धि की सहायता से होने वाला व्याप्तिज्ञान जैसे – धुएँ को देखकर अग्नि का ज्ञान होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शाश्वत सुख – Shashvata Sukha. Supreme or enternal bliss. अनंत सुख ” अर्थात सूक्ष्म लोभ का नाश होने से जो सूक्ष्म परिणाम शेष रह जाते हैं वह सूक्ष्म चरित्र है वह शाश्वत सुख का स्थान है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय प्रोषधोपवास – Nishchaya Proshadhopavaasa. Engrossment into self with renouncing all kinds of food taking. मुनि अवस्था में चतुर्विध आहार छोड़कर आत्मा के ध्यान में निमग्नहोना “
तपशुद्धि Purity through austerity. सदा संयम, समिति, ध्यान और योगों में प्रमाद रहित होते हुए तपश्चरण तथा तेरह प्रकार के चारित्र में उद्यमी रहने हुए पापों का नाश करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तदुभय प्रायश्चित्त A type of repentance (related to self criticism). प्रायश्चित्त के 10 भेदों में एक भेद आलोचना और प्रतिक्रमण दोनों का संसर्ग होने पर दोषों का शोधन होने से तदुभय प्रायश्चित्त है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गंधदेव A protector deity of Nandishvar dvip (island) and kshaudravar. नन्दीश्वर द्वीप तथा क्षौद्रवर का रक्षक देव । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
तदिंद्रियालोचन Staring at the beauty of a woman ( with some bad intention). 10 प्रकार के अब्रह्म में एक भेद, स्त्रियों के सुन्दर शरीर का अवलोकन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शांतिसागर परम्परा – Shantisaagar Paramparaa. The tradition of first Digambar Jain Acharya Charitra Chakravarti Shri Shantisaagarji Maharaj of 20th century, the renovator of Jaina asceticism of new age. बीसवीं सदी के प्रथम दिगम्बर जैनाचार्य चरित्र चक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज ने चूँकि इस युग में मुनिपरम्परा को पुनः जीवंत कर चतुर्विध संघ परम्परा को…
टंडाता गीत Name of a book related to true philosophy of life. संसार दुख दर्शन विषयक एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]