खेचर जीव!
खेचर जीव Vidyadhar-those proficient in super power by birth, Sky moving beings. विद्याधर मनुष्य ,आकाश में उड़ने वाले नभचर पक्षी आदि । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
खेचर जीव Vidyadhar-those proficient in super power by birth, Sky moving beings. विद्याधर मनुष्य ,आकाश में उड़ने वाले नभचर पक्षी आदि । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनाश – Vinasha. Destruction, Deterioration. व्यय; पर्याय की सामान्य निवृत्ति का नाम विनाश है “
दूर श्रवणत्व ऋद्धि A super distantial power of hearing. बुद्धि ऋद्धि का एक प्रकार जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु को श्रोत इन्द्रिय के उत्कृष्ट विषय क्षेत्र से भी संख्यात योजन दूर स्थित ध्वनि या शब्दों को सुनने की सामथ्र्य प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
खन्डिका A city in north of vijayardh mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, दूसरे नरक का छठा इन्द्रक बिल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्या कर्मार्य – Vidya Karmarya. Noble persons having profession of teaching for their livelihood. गणित शास्त्र, आलेख्य, पठन, पाठन आदि ७२ कलाओं द्वारा आजीविका करने वाले आर्य पुरुष “
दुःखरूप Irksome, Troublesome, Distressing. हिंसादि पाप दुःख के कारण होने से दुखरूप कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिवासुदेव – Prativaasudeva. Another name of Pratinarayana. प्रतिनारायण का अपरनाम “
दिव्याष्टगुण Eight virtues of salvated one. सिद्ध परमेष्ठी के 8 गुण अनंतज्ञान, अनंतदर्शन, अव्याबाधत्व, सम्यक्त्व, अवगाहनत्व, सूक्ष्मत्व, अगुरूलघुत्व , अनंतवीर्य ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिमायोगी मुनिक्रिया – Pratimaayogee Munikriyaa. A type of procedural devotional prayer to be observed by saints involved in deep meditation. कृतिकर्म; सिद्धभक्ति, योगभक्ति, शान्ति भक्तिपूर्वक प्रतिमायोग में रत मुनियों की वंदना करना “