योगचंद्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगचंद्र – ई ष 12 में योगसार के कत्र्ता एक दिगम्बर का नाम। Yogacamdra-Name of a Digambar acharya who wrote a book ‘Yogsar’
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगचंद्र – ई ष 12 में योगसार के कत्र्ता एक दिगम्बर का नाम। Yogacamdra-Name of a Digambar acharya who wrote a book ‘Yogsar’
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचेलता – Sachelataa. To be clothed or covered with cloth. वस्त्र सहित होना अर्थात् सावरण होना “
इंद्रिय सुख Sensual pleasure. इन्द्रिय के द्वारा उनके विषयों को भोगना इन्द्रिय सुख है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्पुरुष – Satpurusha. Noble persons, A type of peripatetic deities. महापुरुष, किम्पुरुष जाति के व्यंतर देवों के 10 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसना ज्ञान – जिव्हा इन्द्रियों से होने वाला ज्ञान। Rasana Jnana- Sense of taste, knowledge perceived by tongue
उन्मान Weighing instruments, Balance metric. तगर आदि द्रव्यों को ऊपर उठाकर जिनसे तौला जाता है वे तराजू आदि उन्मान हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रष्मिवेग – पुश्कलावती के विजयार्ध पर त्रिलोकोत्तम नगर के राजा विद्युतगति का पुत्र था।युवावस्था में दीक्षित हुआ, योग में लीन स्थिति में एक अजगर निगल गया।समाधिपूर्वक मरने से अच्यूत स्वर्ग के पुश्कर विमान मे देव हुअ्रा। Rasmivega-The son of kind Vidyutgati of Trilokottam city situated in Pushkalavati country of Vijayardh mountain
उद्देश्यतावच्छेदक One who divides the conceptions. एक धर्मी को अन्य धर्मी से व्यावृत्त करने वाला ‘ता’ प्रत्यय युक्त धर्म विशेष।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस निरपक्ष आहार – नीरस आहार, रसयुक्त अर्थात स्वादिश्ट भोजन आदि की अभिलाशा न करना। Rasa Nirapeksa (Ahara)-Devoid of the desire of tasty food