मूर्त!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्त–Muurt. Sensually acceptable matters, Corporeal, tangible. जो पदार्थ जीवो के इन्द्रियग्राह्रा विषय है व मूर्त है अथवा रूप, रस आदि गुणों का पिण्ड मूर्त है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्त–Muurt. Sensually acceptable matters, Corporeal, tangible. जो पदार्थ जीवो के इन्द्रियग्राह्रा विषय है व मूर्त है अथवा रूप, रस आदि गुणों का पिण्ड मूर्त है”
देवर्षि A special type of heavenly deities (Laukantik Dev). लौकांतिक देव।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावग्रंथ – Bhavagramtha. Internal attachment. अंतरंग परिग्रह; मिथ्यात्व आदि इसके १४ भेद हैं “
एक संख्या A number i.e. 1. एक संख्या को नोकृति कहते हैं क्योंकि इसका वर्ग करके मूल में से घटाने पर वृद्धि नहीं होती बल्कि मूल संख्या ही नष्ट हो जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुश्चित्त Of evil intention or motive, wicked. कुत्सित अभिप्राय अथवा बुरे विचारों वाला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वार्तिकाकर्म – Vaartikaakarma.: Polishing or Varnishing. वस्तु तैयार करके उस पर पॅालिश आदि कर दी जाती है यही वार्तिक कर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वायुमंडल – Vaayumandal.: Atmosphere, Environment. वायु का घेरा या मार्ग “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैशाली –Vaisali. Name of the maternal place of Lord Mahavira, the capital city of Sindhu country, ruled over by king Chetak, the maternal grandfather of Lord Mahavir. भगवन महावीर की ननिहाल ” दिगम्बर जैन ग्रंथो (उत्तरपुराण वीरजिणिन्दचरिउ, महावीर पुराण आदि) के अनुसार वैशाली नगरी सिंधु देश में थी, वहाँ के राजा चेटक…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुनारुक्त निग्रहस्थान – Punarukta Nigrahasthana. Repetition of the words having the same meaning (a fault). एक दोष; एक शब्द से जिस अर्थ की प्रतीति हो रही है उसी शब्द या अर्थ को पुनः कहना “