विषयाभिलाषा!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयाभिलाषा – Vishayabhilasha. Intense lust for passions. तृष्णा; सांसारिक सुखदायक पदार्थ कभी भी मेरे से अलग न होवें ऐसी तीव्र अभिलाषा “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयाभिलाषा – Vishayabhilasha. Intense lust for passions. तृष्णा; सांसारिक सुखदायक पदार्थ कभी भी मेरे से अलग न होवें ऐसी तीव्र अभिलाषा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गल परमाणु – Pudgala Paramanu. Indivisible particle of the matter (Pudgal). एक प्रदेशी पुद्गल जिसका दूसरा हिस्सा नहीं हो सकता तथापि यह उत्पाद व्यय गुण सहित होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वामन संस्थान – Vaamana Sansthaana.: A Karmic nature causing pigmy or short heightened body. नामकर्म की एक प्रकृति; जिस कर्म के उदय से जीव का बौना शरीर होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] अनिष्टसंयोगज-विष,कांटा,शत्रु आदि अप्रिय वस्तु का संयोग होने पर उससे पीछा छुड़ाने के लिये बार-बार विचार अनिष्टसंयोगज आर्त्तध्यान है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैदूर्यमणि –Vaiduryamani The sapphire-a coloured gem, Body colour of Lord Munisuvratnath&Neminath was like sapphire. नीलम, नील वर्ण वाली मणि – तीर्थकर मुनिसुव्रतनाथ एवं तीर्थकर नेमिनाथ का वर्ण वैदूर्यमणि सट्दश था ” सुमेरु पर्वत की चूलिका वैदूर्यमणियी हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंडितपंडितमरण – Panditapanditamarana. Auspicious & holy liberation of omniscient or salvation of Lord Arihant. क्षीणकसाय केवली भगवान के निर्वाण को पंडितपंडित मरण कहते हैं “
आलाप पद्धति A book written by ‘Acharya Devasen’. आचार्य देवसेन (वि.990-1012) द्वारा संस्कृत गद्य में रचित प्रमाण नय विषयक सूत्र ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैदर्भ –Vaidarbha A country of Bharat KshetraAryaKhand (region), Name of the prime chief disciple of Lord Chandraprabh&Lord Pushpadantnath. भरतक्षेत्र आर्यखंड का एक देश, तीर्थकर पुष्पद्न्तनाथ के प्रथम गणधर का नाम (अपरनाम – विदर्भ) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाद – Vaad. Debate, Competitive discussion. हार-जीत के अभिप्राय से की गई किसी विषय सम्बन्धी चर्चा “
एकादिूत्रिलघुक्रिया A method of poetics. छंद शास्त्र के 6 प्रत्ययों में एक प्रकरण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]